आरोपी ने मारपीट के लिए 50 लोगों को बुलाया, लेखपाल ने थाने में दी तहरीर
रिपोर्ट : आरपी सिंह
फूलपुर/आजमगढ़। फूलपुर तहसील परिसर में ट्रक ले जाने के दौरान तार हटाने को लेकर एक लेखपाल और जनसेवा केंद्र संचालक के बीच विवाद का मामला सामने आया है। लेखपाल ने जनसेवा केंद्र संचालक पर गाली-गलौज करने और मारपीट के लिए करीब 50 लोगों को बुलाने का आरोप लगाते हुए फूलपुर थाने में तहरीर दी है। तहरीर के अनुसार, लेखपाल सोनू गिरि तहसील फूलपुर के जौमा लेखपाल मंडल में तैनात हैं। 15 अगस्त 2026 की शाम करीब छह बजे तहसील मुख्यालय स्थित सड़क से एक ट्रक को तहसील परिसर के अंदर ले जाया जा रहा था। इस दौरान लेखपाल सोनू गिरि और उपजिलाधिकारी के सुरक्षा कर्मी ओमप्रकाश सिंह (होमगार्ड) ट्रक के साथ मौजूद थे। आरोप है कि जनसेवा केंद्र के कुछ बिजली के तार ट्रक को परिसर के अंदर ले जाने में बाधा बन रहे थे। जनसेवा केंद्र संचालक सचिन पुत्र कामता प्रसाद निवासी वजीराबाद को तार हटाने के लिए कई बार बुलाया गया, लेकिन वह मौके पर नहीं आया। इसके बाद लेखपाल ने उसकी गुमटी पर जाकर तार हटाने के लिए कहा। लेखपाल का आरोप है कि इस बात पर संचालक ने अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की और कथित तौर पर कहा कि "साले लेखपाल रोज आ जाते हैं।" इसके बाद उसने अपने गांव से फोन कर करीब 50 लोगों को मारपीट के लिए बुला लिया। तहरीर में कहा गया है कि यदि वह मौके से दूर नहीं हटते तो उनके साथ मारपीट की जा सकती थी। लेखपाल सोनू गिरि ने थानाध्यक्ष से मामले में आरोपी जनसेवा केंद्र संचालक के खिलाफ गाली-गलौज और मारपीट के लिए भीड़ जुटाने के आरोप में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। वहीं जनसेवा संचालक सचिन कुमार पुत्र कामता ने आरोप लगाया कि लेखपाल द्वारा मारपीट जातिसूचक शब्द प्रयोग किया गया। सब मिलाकर तहसील को होने वाली विद्युत आपूर्ति से जनसेवा संचालक द्वारा बिजली प्रयोग करने की पाबंदी विवाद का मुख्य कारण प्रकट हुआ। तहसील मुख्यालय के अंदर जनसेवा केंद्र स्थापित है, संचालक से केबल हटाने के लिए कहना लेखपाल को भारी पड़ गया।









