गन्ने की फसल के गलत सर्वे, सठियांव चीनी मिल में किसानों के शोषण और कई संपर्क मार्गों के निर्माण की मांग
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र में आजमगढ़ के स्नातक एमएलसी शाह आलम (गुड्डू जमाली) ने जनपद के किसानों और ग्रामीणों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सगड़ी एवं गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के देवारा इलाके में गन्ना किसानों की समस्याओं, सठियांव चीनी मिल में कथित अव्यवस्था तथा विभिन्न जर्जर सड़कों के निर्माण एवं उच्चीकरण की मांग करते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। एमएलसी शाह आलम ने सदन में कहा कि रौनापार क्षेत्र के किसानों ने जून माह में आयोजित पंचायत में गन्ना फसल के गलत सर्वेक्षण का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि किसानों की फसल अभी केवल अंकुरित अवस्था में है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने बिना फसल विकसित हुए ही उसका सर्वे कर उसे 'थर्ड कैटेगरी' में दर्ज कर दिया। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि फसल पूरी तरह विकसित होने के बाद दोबारा निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाए ताकि किसानों के साथ न्याय हो सके। उन्होंने सठियांव चीनी मिल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां किसानों को समय पर गन्ना पर्चियां नहीं मिलतीं, उनकी गाड़ियां लंबे समय तक कतार में खड़ी रहती हैं और बिचौलियों के कारण किसानों का लगातार शोषण हो रहा है। उन्होंने सरकार से मिल परिसर की व्यवस्थाओं में सुधार कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की। इसी क्रम में एमएलसी ने मेहनगर तहसील के बिंद्राबाजार-खालिसपुर लहबरिया लिंक रोड पर मगही नदी के पास लगभग 300 मीटर क्षतिग्रस्त खड़ंजा मार्ग के नवनिर्माण और उच्चीकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों तथा ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सगड़ी तहसील क्षेत्र की एक अन्य जर्जर सड़क का मामला भी विधान परिषद में नियम-110 के अंतर्गत उठाया गया। एमएलसी शाह आलम ने जीयनपुर–मुबारकपुर मुख्य मार्ग से कोटवा बेरमा, घौरहरा, खतिरपुर होते हुए पकवा इनार और चुनहवा मोड़ स्थित शंकर जी मंदिर तक लगभग छह किलोमीटर सड़क एवं नाली निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सदन में अपनी बात रखते हुए एमएलसी शाह आलम ने सरकार से गन्ना फसलों का पुनः सर्वे कराने, सठियांव चीनी मिल में किसानों की समस्याओं का समाधान कराने तथा दोनों जर्जर सड़कों का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की। इस पर संबंधित मंत्री ने गन्ना फसल के मामले में दोबारा पूर्ण निरीक्षण कराने का आश्वासन दिया।



