BJP की महिला नगर पंचायत अध्यक्ष बर्खास्त

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चुनाव में नामांकन के दौरान आयु संबंधी तथ्य छिपाने का आरोप
एसडीएम ने संभाली प्रशासनिक एवं वित्तीय जिम्मेदारी
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एका नगर पंचायत की अध्यक्ष और भाजपा नेता माया देवी सागर को शासन ने तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उन पर वर्ष 2017 के नगर पंचायत चुनाव में नामांकन के दौरान अपनी उम्र निर्धारित सीमा के अनुरूप दर्शाने के लिए तथ्य छिपाने का आरोप था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद शासन ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा 48(क)(ख) के तहत यह कार्रवाई की है। शासन के आदेश के बाद सोमवार को उपजिलाधिकारी जसराना ऋषभ पुंडीर नगर पंचायत एका पहुंचे और अध्यक्ष के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार अपने हाथ में ले लिए। आदेश के मुताबिक राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक नगर पंचायत के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों का संचालन जिलाधिकारी अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी द्वारा किया जाएगा। एका निवासी उमेश चंद्र ने माया देवी सागर के खिलाफ शिकायत की थी कि वर्ष 2017 में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करते समय शपथ पत्र में उनकी उम्र 30 वर्ष दर्शाई गई थी, जबकि हाईस्कूल की अंकतालिका में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर नामांकन के समय उनकी उम्र 30 वर्ष से नौ महीने कम थी। शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत शासन से की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद शासन ने माया देवी को स्पष्टीकरण और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया। कार्रवाई में देरी होने पर शिकायतकर्ता ने न्यायालय में अवमानना याचिका भी दाखिल की थी। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में हाईस्कूल की अंकतालिका में माया देवी की जन्मतिथि वर्ष 1988 दर्ज होने की बात सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने आरोपों को सही मानते हुए आठ अगस्त को उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश जारी किया। माया देवी सागर की उम्र को लेकर विवाद पहले भी न्यायालय तक पहुंच चुका है। शासन ने 24 जुलाई 2025 को उनके प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाई थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद उन्हें अधिकार वापस मिल गए थे। वर्ष 2023 में माया देवी दोबारा नगर पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। वहीं, पद से हटाए जाने के मामले में माया देवी सागर ने शासन की कार्रवाई को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्हें अभी शासन का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और वह फिलहाल जिले से बाहर हैं। उन्होंने दावा किया कि 16 जनवरी 2024 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने आदेश दिया था कि कार्यकाल और पद समाप्त होने के बाद धारा 48 के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती। माया देवी का कहना है कि वर्ष 2017 में चुनाव अधिकारियों द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उन्होंने जमा किए थे। उनके अनुसार हाईस्कूल की अंकतालिका खो गई थी और इसकी एफआईआर की प्रति भी उनके पास है। उन्होंने वित्तीय अनियमितता का कोई आरोप नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि धारा 48 की कार्रवाई लागू नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में पांच अगस्त 2025 को स्थगन आदेश मिल चुका है। माया देवी सागर ने कहा कि वह शासन की कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय जाएंगी और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

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