आजमगढ़ : पिकअप वाहन फाइनेंस के नाम पर ₹5.75 लाख की कथित धोखाधड़ी

Youth India Times
By -
0

फर्जी नो-ड्यूज प्रमाणपत्र लगाकर लोन पास कराने और किस्तें कटने का आरोप, मुकदमा दर्ज

आजमगढ़। पिकअप वाहन खरीदने के नाम पर फाइनेंस कराकर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर सिधारी थाने में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने न्यायालय के निर्देश के बाद मामले की विवेचना शुरू कर दी है। वादी विजयशंकर यादव निवासी हैदाराबाद उर्फ छतवारा, थाना सिधारी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उन्होंने अशोक कुमार गौड़ उर्फ राहुल गौड़ के माध्यम से एक सेकेंड हैंड पिकअप वाहन खरीदने का सौदा 5.75 लाख रुपये में किया था। आरोप है कि वाहन का फाइनेंस कराने के नाम पर उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो ब्लैंक चेक लेकर इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों को दे दिए गए। शिकायत के अनुसार, बाद में पता चला कि उनके नाम पर लोन स्वीकृत कर राशि का गबन कर लिया गया, जबकि वाहन स्वामी को भुगतान नहीं किया गया और वाहन का स्वामित्व भी उनके नाम नहीं किया गया। आरोप है कि वाहन पर पहले से मौजूद बैंक ऋण को छिपाने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा कोटिला का कथित फर्जी नो-ड्यूज प्रमाणपत्र तैयार कर वाहन हस्तांतरण की पत्रावली में लगा दिया गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनके खाते से लोन की दो किस्तें भी कट चुकी हैं, जबकि उन्हें न तो वाहन मिला और न ही ऋण की राशि। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने जान-माल की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने पहले सिधारी थाने और बाद में पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुपालन में सिधारी थाना पुलिस ने अशोक कुमार गौड़ उर्फ राहुल गौड़, इंडोस्टार कैपिटल के मैनेजर धीरज कुमार मिश्रा, फाइनेंसर सरवन गिरी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा कोटिला के तत्कालीन मैनेजर तथा वाहन स्वामी याशीर अख्तर समेत पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)