ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच, लॉग बुक व सटडाउन रजिस्टर की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की
आजमगढ़। जिले के सुरजनपुर-रामपुर अंदोई गांव में ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के दौरान हुए गंभीर हादसे ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार कार्य शुरू होने से पहले विधिवत सटडाउन लिया गया था, जिसके बाद कर्मचारी लाइन को सुरक्षित मानकर ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य कर रहे थे। आरोप है कि कार्य के दौरान किसी स्तर पर सटडाउन हटा दिया गया, जिससे लाइन में अचानक विद्युत प्रवाह आ गया और हादसा हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और सटडाउन व्यवस्था की प्रभावी निगरानी होती तो दुर्घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने मामले में संबंधित जेई और एसडीओ की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सटडाउन जारी रहने के बावजूद लाइन चालू कैसे हुई, इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने, कॉल रिकॉर्ड, कंट्रोल रूम लॉग बुक और सटडाउन रजिस्टर की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग की लापरवाही कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।





