मजदूर की बेटी ने पुलिस और आयकर विभाग से लगाई गुहार, पांच महीने तक चला फर्जी कारोबार
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से पहचान संबंधी दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मजदूर परिवार की बीए छात्रा रश्मि सविता को आयकर विभाग की ओर से 20.98 करोड़ रुपये की कथित अघोषित आय के संबंध में समन मिलने से परिवार में हड़कंप मच गया। जांच में सामने आया कि उसके आधार और पैन कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग कर दिल्ली में एक फर्जी फर्म संचालित की गई थी। गिरिजाबाग मोहल्ला निवासी मजदूर अजय शंकर की बेटी रश्मि सविता ने बताया कि उसे 30 अप्रैल को आयकर विभाग, चंडीगढ़ की ओर से आयकर अधिनियम की धारा 131(1A) के तहत समन जारी किया गया। नोटिस में पांच मई तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। यह समन आमतौर पर आय छिपाने या वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान जारी किया जाता है। रश्मि ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद उसने विभिन्न विभागों में जानकारी जुटाई, तब पता चला कि उसके आधार और पैन कार्ड का कथित दुरुपयोग कर दिल्ली के संतनगर, बुराड़ी क्षेत्र में आरएस इंटरप्राइजेज नाम से फर्म खोली गई थी। यह फर्म 15 जनवरी 2025 को पंजीकृत हुई और 9 मई 2025 को बंद कर दी गई। आरोप है कि करीब पांच महीने तक उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी कारोबार किया गया। रश्मि ने आयकर विभाग को अपना जवाब भेज दिया है। साथ ही जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आधार और पैन कार्ड के दुरुपयोग की आशंका जताई है। उसने पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आयकर विभाग, चंडीगढ़ को भी मामले की वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। परिजनों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और घर का खर्च मजदूरी से चलता है। ऐसे में करोड़ों रुपये के कारोबार और अघोषित आय का नोटिस मिलना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला है।





