सरकारी कैटल कैचर वाहन से गौशाला भेजे जा रहे थे आवारा गोवंश
तकनीकी खराबी से कुछ पशु हुए घायल; उपचार के बाद सुरक्षित भेजा गया गौशाला
आजमगढ़। जिले के ग्राम अवसनपुर मेन रोड पर बुधवार को गोवंश से लदे एक वाहन को ग्रामीणों द्वारा रोकने के बाद क्षेत्र में गौतस्करी और गौकशी की चर्चाएं तेज हो गईं। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया तथा मौके पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच की गई। जांच के बाद अधिकारियों ने गौतस्करी से जुड़ी खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 06 मई को ग्राम अवसनपुर मेन रोड पर ग्रामीणों ने एक वाहन में गोवंश लदे होने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना पर तत्काल बीडीओ, एडीओ पंचायत एवं पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वाहन की जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि संबंधित वाहन कोई निजी या संदिग्ध वाहन नहीं, बल्कि सरकारी कैटल कैचर वाहन था, जिसे क्षेत्र में घूम रहे आवारा गोवंशों को पकड़कर गौशाला भेजने के लिए लगाया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वाहन में तकनीकी कमी होने के कारण कुछ गोवंशों को हल्की चोटें आ गई थीं। मौके पर ही पशुओं का उपचार कराया गया और सभी गोवंशों को सुरक्षित रूप से गौशाला भिजवा दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर गौकशी एवं गौतस्करी से संबंधित खबरें प्रसारित होने लगी थीं। मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि गौकशी अथवा गौतस्करी जैसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वायरल की जा रही खबरें पूरी तरह असत्य, भ्रामक एवं अफवाह फैलाने वाली हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने से बचें।






