आजमगढ़ : तो सपा के गढ़ में बदल सकते हैं चुनावी समीकरण

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8 विधानसभा सीटों पर कटे वोटरों की संख्या पिछली जीत के अंतर से कहीं ज्यादा, 2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

आजमगढ़। जिले की सभी दस विधानसभा सीटों पर ‘साइकिल’ दौड़ाने वाली समाजवादी पार्टी के लिए 2027 का चुनावी सफर अब पहले जैसा आसान नहीं दिख रहा है। प्रशासन द्वारा जारी अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों ने जिले की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद सामने आए आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि कई सीटों पर चुनावी गणित पूरी तरह बदल सकता है। 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार जिले की 8 विधानसभा सीटों पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। खास बात यह है कि कई जगह हटाए गए मतदाताओं की संख्या सपा विधायकों की पिछली जीत के अंतर से भी कहीं अधिक है। आजमगढ़ सदर सीट इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। यहां 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने 16,036 मतों से जीत दर्ज की थी, जबकि इस बार मतदाता सूची से 67,389 नाम कम हो गए हैं। यह आंकड़ा उनकी जीत के अंतर से करीब चार गुना ज्यादा है। इसी तरह अतरौलिया विधानसभा सीट पर सपा के संग्राम सिंह यादव ने 17,247 मतों से जीत हासिल की थी, जबकि पुनरीक्षण में 28,145 मतदाता कम हो गए। लालगंज (सुरक्षित) सीट पर बेचई सरोज की 14,733 मतों की जीत के मुकाबले 46,405 नाम सूची से हटाए गए हैं। मेंहनगर सीट पर पूजा सरोज 14,149 मतों से जीती थीं, जबकि यहां 37,801 मतदाता घट गए हैं।इन आंकड़ों के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच नई रणनीति बनाने की कवायद तेज हो गई है। मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हुए बदलाव को लेकर चुनावी समीकरण बदलने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में सभी दलों को नए सिरे से सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधना होगा।

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