आजमगढ़ : पेट्रोल पंप साझेदारी में करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

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मारपीट व जान से मारने की धमकी का भी मामला, आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
आजमगढ़। जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र से पेट्रोल पंप साझेदारी को लेकर गंभीर धोखाधड़ी, मारपीट और धमकी का मामला सामने आया है। पीड़िता कुसुम सिंह ने न्यायालय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी में प्रार्थना पत्र दाखिल कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की मांग की है। प्रार्थिनी कुसुम सिंह, जो कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की अधिकृत डीलर हैं और बैठौली क्षेत्र में “आर.आर. फ्यूल प्वाइंट” नाम से पेट्रोल पंप संचालित करती हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके पति विजयपाल सिंह कैंसर से पीड़ित हैं, जिसके इलाज में भारी खर्च होने के कारण कंपनी का बकाया बढ़ गया था। इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रवीण जायसवाल के माध्यम से जयप्रकाश जायसवाल से हुई। आरोप है कि जयप्रकाश ने अपनी बहू सोना देवी को पेट्रोल पंप में पार्टनर बनाने का प्रस्ताव दिया और आर्थिक मदद का भरोसा दिया। इस पर सहमति बनते हुए 11 अप्रैल 2023 को पार्टनरशिप डीड तैयार की गई, जिसमें शर्त थी कि कंपनी का बकाया चुकाने के बाद सोना देवी को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। पीड़िता के अनुसार, जयप्रकाश जायसवाल ने शुरुआत में करीब 30 लाख रुपये का सहयोग चेक के माध्यम से दिया, लेकिन बाद में सोना देवी, उनके देवर शैलेश जायसवाल और जयप्रकाश ने पेट्रोल पंप के आय-व्यय का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। आरोप है कि आरोपियों ने पेट्रोल पंप की आय का दुरुपयोग करते हुए निजी कार्यों, जैसे चुनाव और पारिवारिक आयोजनों में पैसा खर्च किया, जिससे कंपनी पर बकाया बढ़कर लगभग 3.5 करोड़ रुपये हो गया। इसके चलते 14 अक्टूबर 2025 को कंपनी ने पेट्रोल की सप्लाई बंद कर दी। जब पीड़िता ने अपने पति के साथ हिसाब-किताब मांगा तो आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनके पति का गला दबाने की कोशिश की और पीड़िता के साथ मारपीट की, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। कुसुम सिंह का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उल्टा उनके खिलाफ थाना सिधारी में फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी स्थानीय पुलिस, उच्च अधिकारियों और ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, थक-हारकर उन्होंने 23 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन वहां से भी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पीड़िता ने न्यायालय से गुहार लगाई है कि थाना सिधारी पुलिस को आदेशित किया जाए कि आरोपियों के खिलाफ संज्ञेय अपराध में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। कोर्ट के आदेश पर सिधारी पुलिस ने आरोपी खिलाफ मुकदमा दर्ज करें मामले की जांच शुरू कर दी है।

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