आजमगढ़। जनपद की नगर पंचायत अजमतगढ़ और जीयनपुर से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। वीडियो में अधिशासी अधिकारी लल्लन राम यादव पर “परसेंटेज सिस्टम” के तहत भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से स्थानीय स्तर पर सत्ताधारी दल से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा ईओ पर फोन न उठाने के आरोप लगाए जा रहे थे। इसी बीच सामने आए वीडियो में कथित तौर पर नगर पंचायत के कार्यों में “ऊपर से नीचे तक कमीशन” के खेल की चर्चा सुनाई दे रही है, जिसमें लखनऊ से लेकर जिला और स्थानीय स्तर तक हिस्सेदारी की बात कही जा रही है। वीडियो को लेकर अजमतगढ़ के सभासद अभिषेक कुमार राय का दावा है कि उन्होंने ही इसे बनाया है। उनका आरोप है कि नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जांच के दौरान ईओ ने उन्हें जीयनपुर कार्यालय बुलाकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और कथित रूप से “परसेंटेज” देने का प्रलोभन दिया। वहीं, खुद को समाजसेवी बताने वाले सोहराब अहमद ने भी वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा कि यह बातचीत उनके सामने हुई, जिसमें ईओ द्वारा विभिन्न स्तरों पर कमीशन दिए जाने की बात कही गई। मामले में जब अधिशासी अधिकारी लल्लन राम यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनके सरकारी नंबर पर कॉल रिसीव नहीं हुआ, जबकि निजी नंबर बंद मिला। इस पूरे प्रकरण पर मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव कुमार ओझा ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वीडियो के सामने आने के बाद नगर पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।






