आजमगढ़ : रेल बजट पर धर्मेंद्र यादव का हमला: “घोषणाओं की सरकार, यूपी को मिला निराशाजनक हिस्सा”

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आजमगढ़ सहित पूर्वांचल की उपेक्षा का आरोप, नई रेल परियोजनाओं पर उठाए सवाल
आजमगढ़ से मुंबई, दिल्ली व वैष्णो देवी तक ट्रेन चलाने की मांग, छात्रों व यात्रियों की सुविधाओं पर जोर
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के नेता, मुख्य सचेतक एवं सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद में रेल बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल घोषणाओं और भाषणों तक सीमित है, जबकि ज़मीनी स्तर पर विकास कार्य नज़र नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से प्रधानमंत्री के चुने जाने के बावजूद रेल बजट में प्रदेश की अनदेखी की गई है, जिससे जनता में निराशा और हताशा है। यादव ने आरोप लगाया कि कुछ परियोजनाएं आई भी हैं तो वे केवल प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस तक सीमित रह गई हैं। सांसद ने मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर बनाए गए अंडरपासों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बरसात के मौसम में ये अंडरपास जलमग्न हो जाते हैं, जिससे किसानों, छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सभी अंडरपासों पर पुल निर्माण की मांग की। धर्मेंद्र यादव ने आजमगढ़ के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आजमगढ़ मौलाना शिबली नोमानी, कैफ़ी आज़मी और ऋषि दुर्वासा जैसे महान व्यक्तित्वों की भूमि रही है, लेकिन यहां की स्थानीय समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार रेल मंत्री को पत्र लिखने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बनारस-आजमगढ़-गोरखपुर रेल लाइन के अधूरे कार्य, आजमगढ़ से मुंबई और दिल्ली के लिए सुपरफास्ट ट्रेनों की मांग, तथा प्रयागराज-जौनपुर पैसेंजर ट्रेन को आजमगढ़ तक बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि इससे हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। सांसद ने मऊ से आजमगढ़ होते हुए वैष्णो देवी (कटरा) तक साप्ताहिक ट्रेन चलाने की मांग भी दोहराई। साथ ही, पहले घोषित कई ट्रेनों के अब तक शुरू न होने पर नाराजगी जताई। अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र बदायूं का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि वहां से दिल्ली और लखनऊ के लिए ट्रेन चलाने की मांग भी लंबे समय से लंबित है। उन्होंने मैनपुरी से गजरौला तक प्रस्तावित रेल परियोजना को भी सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया। अंत में उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि बदायूं की जनता के हितों के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है और आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।

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