वैध इनवायस और ई-वे बिल न मिलने पर 7.36 लाख रुपये का अर्थदंड जमा
आजमगढ़। होली पर्व के मद्देनजर रेलवे से आने वाले माल की सघन जांच के बीच राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध प्रपत्रों के लाए जा रहे रेडीमेड गारमेंट्स की खेप पकड़ ली। स्थानीय सूत्रों से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 72 पेटी रेडीमेड कपड़े बरामद किए गए। जानकारी के अनुसार, रेलवे जांच से बचने के उद्देश्य से कुछ रेलवे वेंडरों द्वारा कंटेनर ट्रक हायर कर कोलकाता से आजमगढ़ के लिए रेडीमेड गारमेंट्स बिना वैध दस्तावेजों के भेजे जा रहे थे। इस सूचना पर संयुक्त आयुक्त (वि.अनु.शा.) राज्य कर, आजमगढ़ संभाग नीलेश कुमार सिंह के निर्देशन में सचल दल प्रभारी अविनाश चंद्र राय ने 24 फरवरी को दोपहर करीब 12:59 बजे हुसैनगंज क्षेत्र में संदिग्ध वाहन को जांच के लिए रोका। जांच के दौरान वाहन पर 72 पेटी रेडीमेड गारमेंट्स लोड पाए गए। वाहन चालक अमित कुमार ने बताया कि माल कोलकाता से आजमगढ़ लाया जा रहा है, लेकिन मौके पर न तो बिल, बिल्टी, इनवायस, डिलीवरी चालान और न ही कोई अन्य वैध प्रपत्र प्रस्तुत किया जा सका। अधिकारियों द्वारा ई-वे बिल ऑफिसर्स लॉगिन एप पर जांच करने पर ई-वे बिल संख्या 652064414705 (तिथि 23 फरवरी 2026) जनरेट पाया गया, लेकिन भौतिक सत्यापन में संबंधित ई-वे बिल का कोई माल वाहन पर मौजूद नहीं मिला। आगे की जांच में स्पष्ट हुआ कि उक्त ई-वे बिल का पार्ट-बी रेल परिवहन के लिए अपडेट किया गया था, जिससे यह प्रमाणित हुआ कि पकड़ा गया माल इस वाहन से अधिकृत रूप से परिवहन नहीं किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य के करयोग्य माल का परिवहन बिना वैध टैक्स इनवायस और ई-वे बिल के किया जा रहा था, जो जीएसटी अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया। नोटिस के अनुपालन में माल स्वामी से भिन्न व्यक्ति (पर्सन इन चार्ज ऑफ गुड्स) द्वारा शुक्रवार को कुल 7,36,596 रुपये अर्थदंड के रूप में जमा कराए गए। राज्य कर विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रूप से माल परिवहन करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।






