कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: यूपी में इस प्रोजेक्ट का बैनामा निरस्त

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किसानों को जमीन लाैटाने का आदेश, अधिग्रहण का भय दिखाकर कराया गया था बैनामा

मथुरा। आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे छटीकरा और सुनरख क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि से जुड़े लगभग दो दशक पुराने विवाद में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-6 ने वेदपाल सिंह सेंगर आदि बनाम सनसिटी हाईटेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड व कपिल देव उपाध्याय प्रकरण में 11 जनवरी 2007 के पंजीकृत बैनामे को निरस्त कर दिया है। साथ ही 7.4860 हेक्टेयर भूमि किसानों को वापस करने का आदेश दिया है। यह भूमि आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर छटीकरा स्थित गरुड़ गोविंद मंदिर के सामने खसरा नंबर 393 में स्थित है। किसानों का आरोप था कि वर्ष 2006 में जारी भूमि अधिग्रहण अधिसूचना का भय दिखाकर सनसिटी हाईटेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड तथा वृंदावन निवासी कपिल देव उपाध्याय ने उनकी जमीनें कौड़ियों के दाम में अपने नाम करा लीं। किसानों के अनुसार उन्हें फ्लैट निर्माण में साझेदारी और लाभ का आधा हिस्सा देने का आश्वासन भी दिया गया था। उल्लेखनीय है कि 29 अगस्त 2006 को प्रदेश सरकार ने मथुरा में हाईटेक टाउनशिप विकसित करने के लिए अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की थी। वर्ष 2012 में कानून में संशोधन के बाद यह प्रावधान किया गया कि यदि पांच वर्ष तक भूमि का उपयोग न हो तो भू-स्वामी उसे वापस मांग सकते हैं। किसानों का कहना था कि पांच वर्ष तक न तो कोई विकास कार्य हुआ और न ही कंपनी ने वास्तविक कब्जा लिया, इसके बावजूद भूमि लौटाने से इनकार कर दिया गया। मामले में सिविल अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए न्यायालय ने बैनामा निरस्त कर दिया तथा संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण या हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले को किसानों की बड़ी जीत माना जा रहा है और क्षेत्र में इसे ऐतिहासिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

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