राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आंदोलन के बैनर तले अभिभावक, बुद्धिजीवी और अधिवक्ता हुए एकजुट
रिक्शा स्टैंड से कलेक्ट्रेट तक जुलूस, नारेबाजी के बीच डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
आजमगढ़। राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आंदोलन के बैनर तले यूजीसी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित रिक्शा स्टैंड पर छात्रों के अभिभावकों, बुद्धिजीवियों और अधिवक्ताओं ने धरना-सभा आयोजित की। सभा के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। धरने को संबोधित करते हुए दुखहरन सत्यार्थी ने सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए दलित, पिछड़ा, महिला और अल्पसंख्यक विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया। दीवानी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सूबेदार यादव ने जातिवाद को जड़ से समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजेश आजाद ने गीत की प्रस्तुति के साथ यूजीसी रेगुलेशन का पाठ करते हुए अपने विचार रखे। अब्दुर्रहमान अंसारी एडवोकेट ने धर्म आधारित व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की, जबकि विमला यादव एडवोकेट ने शैक्षणिक परिसरों में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे को उठाया। धरने को बुद्धिजीवी सूर्यभान सरोज एडवोकेट, किसान नेता रामनयन यादव, सामाजिक न्याय एवं बाल भवन केंद्र के निदेशक रामजनम यादव, गुलाबचंद चौधरी एडवोकेट, वीरेंद्र यादव (पूर्व सदस्य जिला पंचायत), कामरेड रामराज, दान बहादुर मौर्य, सूरजपाल, रामाश्रय यादव, तेज बहादुर एडवोकेट, छोटेलाल चौधरी, खुर्शीद आलम सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। क्रांतिकारी गीतकार काशीनाथ यादव ने गीतों के माध्यम से उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया। सभा के बाद जुलूस रिक्शा स्टैंड से निकलकर राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा स्थल से होते हुए कुंवर सिंह उद्यान के बगल से गुजरता हुआ कलेक्ट्रेट मुख्य गेट पहुंचा। वहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आंदोलन के सचिव दिनेश यादव ने किया। धरना की अध्यक्षता एवं जुलूस का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष रामकुमार यादव और सामाजिक न्याय एवं बाल भवन केंद्र के निदेशक रामजनम यादव ने किया। संचालन अरविंद कुमार भारती एडवोकेट ने किया।





