बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे कटियारा बीट में स्थित कटियारा बाबा कुटिया में हाथियों के झुंड ने घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान कुटिया में रह रहे लगभग 70 वर्षीय पुजारी को हाथियों ने रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, अभयारण्य के कोर जोन में भारत-नेपाल सीमा पर कोठिया घाट के निकट कटियारा बीट का जंगल स्थित है। कटियारा वन चौकी से लगभग 200 मीटर की दूरी पर कटियारा बाबा की कुटिया है, जहां पुजारी निवास कर पूजा-अर्चना करते थे। रविवार रात करीब 9 बजे हाथियों का झुंड कुटिया के पास पहुंचा और अचानक हमला बोल दिया। हाथियों ने कुटिया को तहस-नहस कर दिया और पुजारी को कुचलकर मार डाला। चीख-पुकार और हाथियों की चिंघाड़ सुनकर वन चौकी पर तैनात कर्मी मौके की ओर दौड़े, लेकिन हाथियों के आक्रामक तेवर देखते हुए उन्हें अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा। घटना की सूचना जैसे ही पास के बर्दिया गांव में पहुंची, ग्रामीणों में दहशत फैल गई। भय के कारण लोग रातभर घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौंड ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को रवाना किया गया है। हालांकि क्षेत्र में हाथियों की लगातार सक्रियता के चलते रात में घटनास्थल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि हाथियों के दूसरे क्षेत्र की ओर मूवमेंट करने के बाद ही पूरी तरह स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में जंगल से सटे गांवों में हाथियों के उत्पात की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित और भयभीत हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अकेले जंगल क्षेत्र की ओर न जाने की अपील की है।





