आजमगढ़ रिंग रोड निर्माण के श्रेय पर छाया भ्रम हुआ दूर

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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के पत्र से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट, निरहुआ का दवा निकला झूठा
सांसद धर्मेन्द्र यादव के अनुरोध पर ₹1279 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी
आजमगढ़। आजमगढ़ शहर में प्रस्तावित दक्षिण-पूर्व रिंग रोड (बाईपास) के निर्माण को लेकर बीते कई दिनों से चल रही राजनीतिक बयानबाज़ी और भ्रम की स्थिति अब समाप्त हो गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र से यह स्पष्ट हो गया है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को सांसद आजमगढ़ धर्मेन्द्र यादव के अनुरोध पर स्वीकृति प्रदान की गई है। केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, आजमगढ़ शहर को भीषण यातायात जाम से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से ₹1279.13 करोड़ की लागत से 15 किलोमीटर लंबे 4-लेन दक्षिण-पूर्व बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह बाईपास शहर के व्यस्त इलाकों से भारी वाहनों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे आम नागरिकों को रोज़मर्रा के जाम से राहत मिलेगी। परियोजना के पूरा होने से न केवल यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि इससे क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यह बाईपास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आजमगढ़ के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उल्लेखनीय है कि इस ओपन रिंग रोड परियोजना को लेकर पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ द्वारा लगातार भ्रामक दावे किए जा रहे थे और इसके श्रेय का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि अब केंद्रीय मंत्रालय के पत्र के सार्वजनिक होने के बाद वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है और भ्रम का अंत हो गया है।

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