आज़मगढ़ : यह समरसता नहीं, विमरसता की राजनीति : अशोक यादव

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एक ही समय, एक ही विधानसभा में दो मंत्रियों की अलग-अलग रैलियों पर सपा ने कसा तंज

सपा प्रवक्ता अशोक यादव ने कहा 2027 विधानसभा चुनाव में पीडीए की एकजुटता से भाजपा होगी पराजित
आजमगढ़। जनपद में भारतीय जनता पार्टी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि एक ही तिथि, एक ही समय और एक ही विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों द्वारा अलग-अलग रैलियां आयोजित किया जाना भाजपा के अंदरूनी विरोधाभास को दर्शाता है।सपा प्रवक्ता अशोक यादव ने जारी बयान में कहा कि एक ओर रैली का नेतृत्व कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर द्वारा किया गया, वहीं दूसरी ओर ओमप्रकाश राजभर ने अलग मंच से “सामाजिक समरसता रैली” का आयोजन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंच अलग, नेतृत्व अलग और रैलियां अलग-अलग थीं, तो इसे सामाजिक समरसता कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस रैली का नाम “सामाजिक विमरसता रैली” होना चाहिए था। सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जिस पार्टी की राजनीति समाज को बांटने पर आधारित रही हो, उसके मंत्री द्वारा सामाजिक समरसता की बात करना विरोधाभासी है। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बढ़ती एकजुटता से भाजपा घबराई हुई है और इसी कारण विपक्षी एकता को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अशोक यादव ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव की तरह ही 2027 के विधानसभा चुनाव में भी पीडीए वर्ग एकजुट रहेगा और भाजपा को पराजित करेगा। उन्होंने कहा कि समाज का जागरूक वर्ग अब विभाजनकारी राजनीति को समझ चुका है और एकजुट होकर जवाब देने के लिए तैयार है।

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