आजमगढ़ में सुभासपा की 'सामाजिक समरसता महा रैली' का ऐलान, 2027 चुनावी बिगुल

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22 फरवरी को अहरौला में जुटेगा सर्व समाज, सपा के गढ़ को चुनौती
डॉ. अरविंद राजभर ने प्रेसवार्ता में कहा नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, संगठन को मजबूत करने पर देंगे ध्यान
आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव पूर्व मंत्री डॉ. अरविंद राजभर ने शुक्रवार को आजमगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान 22 फरवरी को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एव कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के अध्यक्षता में होने वाली 'सामाजिक समरसता महा रैली' को ऐतिहासिक बताते हुए इसे आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का आगाज बताया। उन्होंने कहा कि अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाली यह रैली सामाजिक समरसता, सर्व समाज की भागीदारी और विकास के मुद्दों को लेकर आयोजित की जा रही है। डॉ. राजभर ने कहा कि आजमगढ़ में रैली आयोजित करने का उद्देश्य उन राजनीतिक धारणाओं को चुनौती देना है, जिनमें आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का गढ़ बताया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजमगढ़ विकास की मुख्यधारा से अब तक पूरी तरह नहीं जुड़ पाया है और सुभासपा का लक्ष्य सामाजिक विभाजन को समाप्त कर सर्व समाज को साथ लेकर आगे बढ़ना है। प्रेसवार्ता में डॉ. राजभर ने कहा कि सुभासपा लंबे समय से सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने और ओबीसी आरक्षण को पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग में विभाजित करने की मांग करती रही है। साथ ही उन्होंने दलित आरक्षण के वर्गीकरण की भी आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार समय-समय पर सर्वेक्षण कर सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और आर्थिक आधार पर सभी वर्गों को समान अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पार्टी आर्थिक आधार पर आरक्षण की पक्षधर रही है और एनडीए सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को इसी दिशा में कदम बताया। डॉ. राजभर ने कहा कि समाज में आज भी बेटियों को बोझ समझा जाता है, इसलिए उनकी शिक्षा पूरी तरह निशुल्क की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि बेटियों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार वहन करे। इसके साथ ही उन्होंने विवाह अनुदान राशि को बढ़ाकर कम से कम पांच लाख रुपये करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक लाख रुपये की सहायता से गरीब परिवारों के लिए विवाह कराना संभव नहीं है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या संबंधी नियमों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सभी गरीब परिवारों को इसका लाभ मिलना चाहिए, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी भी हो। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस संबंध में मुलाकात कर नियमों में बदलाव का अनुरोध करने की बात कही। साथ ही उन्होंने आयुष्मान योजना की सीमा बढ़ाकर पांच लाख से अधिक करने की मांग करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के इलाज के लिए सरकार 25 लाख रुपये तक की व्यवस्था करती है तो आम जनता के लिए भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए। डॉ. राजभर ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और सुभासपा लगातार इस मुद्दे को उठाती रही है। उन्होंने बताया कि इस रैली में विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के आने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद अनंत राय, स्थानीय भाजपा नेता तथा शिवसेना के प्रदेश अध्यक्षों के शामिल होने की बात भी कही गई। हालांकि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के कारण उनके शामिल होने की संभावना नहीं है, लेकिन सरकार की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने की बात कही गई है। डॉ. राजभर ने विपक्ष पर संविधान और आरक्षण को लेकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान खतरे में होने का मुद्दा उठाया, लेकिन संसद में इस पर कोई ठोस चर्चा नहीं की गई। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और चुनाव आयोग की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। यूजीसी बिल पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सुभासपा सभी वर्गों को समान अधिकार देने की पक्षधर है और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल सिद्धांतों के अनुरूप सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। प्रेसवार्ता में प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए डॉ. राजभर ने कहा कि कुछ अधिकारी जनहित के कार्यों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे सरकार की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। डॉ. अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा आगामी विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी सीटों पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि सुभासपा पूर्वांचल के 28 जिलों में संगठन विस्तार कर रही है और आगामी चुनाव में एनडीए गठबंधन को अधिकतम सीटें दिलाने का लक्ष्य है।

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