आजमगढ़: सेंट जेवियर्स हाई स्कूल एलवल में कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए भव्य विदाई समारोह आयोजित

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सम्मान समारोह के बीच भावुक विदाई, छात्रों को स्मृति चिह्न व उपहार प्रदान
प्रधानाचार्य ने छात्रों को लक्ष्य पर केंद्रित रहकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का दिया संदेश
आजमगढ़। जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट जेवियर्स हाई स्कूल एलवल, आजमगढ़ के प्रांगण में 09 फरवरी को विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय से विदा हो रहे विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देना तथा उनके विद्यालय जीवन की मधुर स्मृतियों को संजोना था। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रशांत चन्द्रा, आवासीय प्रबंधक प्रद्युम्न जायसवाल एवं अनिरूद्ध जायसवाल, विद्यालय के प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव, उप-प्रधानाचार्य तरणी श्रीवास्तव, को-आॅर्डिनेटर धीरेन्द्र भारद्वाज एवं मोना सिंह आदि ने संयुक्त रूप से ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के आरंभ में कनिष्ठ छात्रों ने अपने वरिष्ठ कक्षा बारहवीं के छात्र-छात्राओं को तिलक लगाकर एवं पुष्प देकर स्वागत किया। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत हुई जिसमें कक्षा ग्यारहवीं के छात्रों ने स्वागत गीत, सांस्कृतिक नृत्य, नाटक, गीत, संगीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की इसी कड़ी में कक्षा बारहवीं के छात्रों ने भी अपने-अपने भावों एवं विचारों को मंच के माध्यम से व्यक्त करते हुए विद्यालय परिवार के प्रति आत्मीयता प्रकट की। शैक्षिक सत्र में विद्यालय द्वारा विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, लेखन, वाचन, अनुशासन, शिष्टाचार, नेतृत्व क्षमता आदि के आधार पर वरिष्ठ छात्र-छात्राओं को अलग-अलग उपाधियों से नवाजा गया तथा साथ में समस्त छात्र-छात्राओं को को भी स्मृति चिह्न व उपहार प्रदान किए गए। विदाई समारोह के अंत में विद्यालय प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालयी जीवन के दौरान बच्चों और शिक्षकों के मध्यगहरा लगाय हो जाता है और वे एक परिवार की भांति पठन-पाठन का कार्य करते हैं। विद्यालयी शिक्षा पूर्णोपरान्त उच्च शिक्षा हेतु उन्हे अन्यत्र पठन-पाठन हेतु जाना होता है। ऐसे में ये विदाई की घड़ी वास्तव में अत्यंत पीड़ादायक होती है। यह एक ऐसा भावुकता का पल है जिसमें स्वयं को संभाल पाना कठिन होता है परन्तु ये दुनिया की रीति है, मिलना-बिछुड़ना लगा रहता है इसलिए हमें इन सब पर बहुत ध्यान देने की जरूरत नहीं है हमें अपना पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर केन्द्रित करते हुए कामयाबी हासिल करने पर लगाना है। हम यही चाहते हैं कि हमारा प्रत्येक छात्र आगामी बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करे और न केवल अपने जनपद का बल्कि अपने प्रदेश का नाम रोशन करें। अंत में उन्होने सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए तथा उन्हें व्यावहारिक जीवन का पाठ पढ़ाते हुए सम्पूर्ण विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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