आज़मगढ़। तहसील सदर में कार्यरत अमीन सुरेश उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। इस संबंध में हरिबंश मिश्र की ओर से उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि सुरेश उपाध्याय, मोहल्ला कोलबाजबहादुर, रोडवेज, थाना कोतवाली, तहसील सदर, जनपद आजमगढ़ के निवासी थे और तहसील सदर में अमीन के पद पर कार्यरत थे। दिनांक 17 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9 बजे वह ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार वह 10:22 बजे तहसील सदर परिसर में उपस्थित थे, लेकिन इसके बाद से वह लापता हो गए। परिजनों के अनुसार सुरेश उपाध्याय का मोबाइल नंबर 9450736417 उसी दिन सुबह 11 बजे के बाद से स्विच ऑफ हो गया था। लगातार खोजबीन के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद 20 जनवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे, उनका शव सिधारी थाना क्षेत्र में एक सरसों के खेत से बरामद हुआ, जो थाने से लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित था। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस गंभीर मामले में जनपद प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है, जिससे मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सीबीआई जांच को सौंपना न्यायहित में अत्यंत आवश्यक बताया गया है। याचिकाकर्ता ने उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सीबीआई जांच के आदेश दें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि हुई है, हालांकि जहर के प्रकार को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। रिपोर्ट में कार्बाइड जैसे जहरीले पदार्थ से मौत की आशंका जताई गई है। मृतक की नाक से खून निकलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, स्पष्ट नहीं हो सका है कि जहर किस प्रकार का था। पुलिस ने बिसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है।






