स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के समक्ष एक चुनौती था अपना संविधान बनाकर उसे लागू करना : विजय बहादुर सिंह, संस्थापक
आज़मगढ़। जहानागंज क्षेत्र के धनहुंआ स्थित एसकेडी विद्या मन्दिर एवं एसकेडी इण्टर काॅलेज में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा मां भारती को समर्पित विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिससे उपस्थित लोग देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गये। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्थापक विजय बहादुर सिंह द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत झंडा गीत तिरंगे के प्रति एक अलग जज्बा लोगों के मन में भर दिया। इसके पश्चात स्वतंत्रता आंदोलन में अपना अमूल्य योगदान देने वाले महापुरूषों के चित्र पर माल्यार्पण संपन्न हुआ। मां वाग्देवी के माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुई देशभक्ति से ओत प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला देर तक चलती रही। एसकेडी विद्या मन्दिर में कक्षा नर्सरी के विद्यार्थियों द्वारा नन्हे मुन्हें राही, अंजली, आयुषी की प्रस्तुति मेरे देश की बेटी, वैष्णवी ग्रुप का मंचन पन्ना धाय ने दिखाया कि देश हित के लिए एक मां अपने बेटे की बलि भी देने से नहीं चुकती है। एसकेडी इण्टर कालेज में श्रेजल, शिवांगी द्वारा प्रस्तुत माटी माथा तिरंगा, साक्षी का देशभक्ति गान, संध्या, श्रेया, शिवांगी, प्रियांशू, अनुकल्प की प्रस्तुति काफी प्रभावी रही। अपने वक्तव्य में संस्थापक विजय बहादुर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के समक्ष अनेक चुनौतियों में एक चुनौती अपना संविधान बनाकर उसे लागू करना भी था। समता, समानता, और भारत की विविधिता को अपने अंदर पिरोये हुए बना विश्व का सबसे बड़ा संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के पीछे का ध्येय यही है कि हम आज भी देश के समक्ष जो चुनौतियां हैं उनको पहचानते हुए उनका निराकरण करना। देश के प्रत्येक नागरिक के अंदर राष्ट्रप्रथम की भावना होनी चाहिए। ऐसा नहीं है कि सीमा पर तैनान जवान ही देश के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। खेत में मनोयोग से कार्य कर रहा किसान हो या विद्यालय का विद्यार्थी, जो भी अपने कर्तव्य पथ पर अडिग है वह देश के प्रति अपना योगदान दे रहा है। दुनिया में भारत ही एकमात्र एक ऐसा देश है जिसे माता के रूप में पूजा जाता है। यहां का कण कण में देश प्रेम समाया हुआ है। एसकेडी विद्या मन्दिर के प्रधानाचार्य केके सरन और एसकेडी इण्टर कालॅज में यूसी मिश्र ने भारत के संविधान की व्यापकता पर प्रकाश डाला। आंगतुकों का आभार ज्ञापन श्रीकान्त सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनानमें में योगेश अस्थाना, संजय, संतोष, दिनेश, रचना , सुषमा, प्रमोद, अपराजिता, सर्वेश, संतोष, योगेन्द्र,सिमरन आदि लागों की भूमिका सराहनीय रही।






