आजमगढ़: लापता बेटी की तलाश में दो महीने तक दर-दर भटकता रहा बेबस पिता, तोड़ा दम

Youth India Times
By -
0
पुलिस पर मदद न करने का आरोप

आजमगढ़। शहर कोतवाली के सीताराम मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। सुबह परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकले। गौरीशंकर घाट के पास शव सड़क पर रख कर परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि दो माह पूर्व बेटी के लापता होने से वह परेशान थे और अधिकारियों व थाने पर जाने पर सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी वजह से मौत हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा- बुझाकर शांत कराते हुए ट्रैफिक जाम समाप्त करवाया। सीताराम मोहल्ला निवासी बिरजू पांडेय की नाबालिग पुत्री दो माह पूर्व लापता हो गई। बिरजू ने क्षेत्र के ही कुछ लोगों पर बेटी के अहपरण की आशंका जताते हुए शहर कोतवाली में तहरीर भी दी, लेकिन पुलिस अब तक उसकी तलाश नहीं कर सकी। इतना ही नहीं पीड़ित ने जिलाधिकारी तक को पत्रक लिखा।
आरोप है कि शहर कोतवाली पर जाने पर पुलिसकर्मी उसके साथ अभद्रता करते थे। इतना ही नहीं मृतक के पुत्र सुनील पांडेय ने भी 15 मार्च को विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। उसे किसी तरह बचा लिया गया था। थाना कोतवाली के साथ ही अधिकारियों के यहां चक्रमण के बाद भी उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। जिससे बिरजू तनाव में चल रहे थे। पुत्र के अनुसार कई दिनों से वे खाना-पीना भी छोड़ दिए थे। जिसके चलते सोमवार को दिन में उनकी मौत हो गई। मंगलवार की सुबह परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर निकले और गौरीशंकर घाट पर शव सड़क पर रख कर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। चक्काजाम की सूचना के दो घंटे बाद शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा- बुझाकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर राजघाट की तरफ रवाना हो गए।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)