आजमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव परिणाम : दोस्त का दर्द : हारा भी मैं और जीता भी मैं

Youth India Times
By -
0

दोस्त का दर्द : हारा भी मैं और जीता भी मैं
आजमगढ़। नगर पालिका आजमगढ़ के अध्यक्ष पद के चुनाव में परिणाम आने के बाद एक तरफ जहां जीते हुए प्रत्याशी के समर्थक खुश हैं तो दूसरी तरफ हारे हुए प्रत्याशी के समर्थक मायूस हैं। इन लोगों के बीच एक ऐसा भी समर्थक है जिसने अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि इस चुनाव में हारा भी मैं ही हूं, और जीता भी मैं ही हूं। ये समर्थक थाना सिधारी क्षेत्र के नरौली मोहल्ला निवासी अनिल यादव हैं। उनके साथ बात के कुछ अंश :
हारा भी मैं और जीता भी मैं -
चुनाव परिणाम पर अपना पक्ष रखते हुए अनिल यादव ने कहा कि सरफराज आलम और अभिषेक जायसवाल दोनों ही मेरे दोस्त हैं। इस चुनाव में मैं दिल से दीनू के साथ और सशरीर सरफराज के साथ अपनी भूमिका अदा किया। टिकट मिलने से लेकर चुनाव परिणाम आने तक जहां मैंने अपनी पूरी ऊर्जा सरफराज आलम के साथ लगाई तो वहीं व्यवहारिक रूप से अभिषेक जायसवाल उर्फ दीनू से भी बातें करता रहा।
चुनाव प्रचार के बीच पिता ने छोड़ा साथ-
अपने जीवन के सबसे बड़े दुख को प्रकट करते हुए अनिल यादव ने बताया कि जब चुनाव प्रचार ने जब जोर पकड़ लिया, सभी प्रत्याशी जनता के बीच अपनी जीत का दावा करते नजर आ रहे थे। इस बीच मेरे बीमार पिता हम लोगों का साथ छोड़कर गोलोकवासी हो गये। घटी इस प्राकृतिक घटना ने मुझे अंदर से झकझोर दिया। सांसरिक नियमों का पालन करते हुए पुत्र की पूर्ण भूमिका निभाते हुए पिता की अन्त्येष्टि और तेरही समापन के बाद फिर मित्र सरफराज के साथ कंधा से कंधा मिलाकर उनके चुनाव प्रचार में जुट गया। रणनीतियां तय होने लगी। मतदान हुआ और फिर परिणाम आया, मित्र सफरारज आलम के सिर विजय का ताज सज गया लेकिन वहीं एक मित्र को हार का सामना करना पड़ा। मेरे समक्ष दो मित्रों के साथ हुए राजनीतिक घटनाक्रम का परिणाम सामने था। बस कह पाया कि जीता भी मैं और हारा भी मैं।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)