कंप्यूटर सहायक, बीएलओ और तत्कालीन निर्वाचन अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई; सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच के आदेश
आजमगढ़। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में एक ही नाम कई बार दर्ज होने के मामले में निर्वाचन विभाग ने जांच के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम की 13 प्रविष्टियां मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नोटिस जारी करने तथा विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला समाजवादी पार्टी की ओर से 15 अक्टूबर को आयोजित प्रेसवार्ता में उठाया गया था। पार्टी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच में सामने आया कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम 13 बार दर्ज था। इनमें से दो प्रविष्टियां पहले ही नियमानुसार हटाई जा चुकी थीं, जबकि शेष 11 प्रविष्टियां जिले के अलग-अलग गांवों में रहने वाले 11 व्यक्तियों से संबंधित पाई गईं। जांच के अनुसार, वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के नाम और विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरवाए गए हैं। वहीं, समान नाम और वल्दियत वाला एक अन्य मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र का निवासी पाया गया। प्रकरण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को तत्काल मतदाता सूची संबंधी कार्यों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी करने को कहा गया है। कंप्यूटर सहायक संजय कुमार प्रजापति, बीएलओ गीता देवी प्रथम, गीता देवी द्वितीय, सुनीता देवी, शीला देवी और उमेश कुमार यादव सहित संबंधित कर्मियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत संभावित कार्रवाई से पहले नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं। मतदाता सूची तैयार करने में कथित लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता के मामले में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नरेंद्र गंगवार तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डॉ. मोनिका अग्रवाल और माधवेंद्र प्रताप सिंह के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के लिए आरोपपत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी को आजमगढ़ जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में इस तरह की प्रविष्टियों की गहन जांच कराने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज त्रुटियों की पहचान कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना है।

