घूस लेते बाबू की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद
एबीवीपी और छात्र संगठनों का प्रदर्शन तेज
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में बाबू के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। बृहस्पतिवार को छात्र संगठनों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर तथा रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर रजिस्ट्रार के “लापता” होने के पोस्टर चस्पा कर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी को रजिस्ट्रार के बारे में जानकारी हो तो इसकी सूचना दें। गौरतलब है कि 28 अप्रैल को विश्वविद्यालय में मान्यता दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रजिस्ट्रार कार्यालय के संविदा कर्मी संजय यादव को गोरखपुर विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 1.80 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे। गिरफ्तारी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे बर्खास्त कर दिया था। इस घटना के बाद से छात्र संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। एबीवीपी और अन्य छात्र संगठनों ने पहले कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया और रजिस्ट्रार का पुतला भी फूंका था। छात्रों का आरोप है कि मामले के बाद से रजिस्ट्रार कार्यालय नहीं आ रहे हैं और विश्वविद्यालय की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। छात्र नेता अभिनव यादव ने कहा कि जब से विजिलेंस टीम ने छापा मारकर बाबू को रिश्वत लेते पकड़ा है, तब से रजिस्ट्रार गायब हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे समय में अधिकारियों का अनुपस्थित रहना गंभीर मामला है। छात्रों ने रजिस्ट्रार की भूमिका की जांच कर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र लगातार अनुपस्थित रहता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन उसकी जानकारी भी लेता है। पोस्टर लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है। कुलपति ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रार रविवार तक अवकाश पर हैं और उसके बाद विश्वविद्यालय आएंगे।






