सिर्फ सिर पर चोट होने से ग्रामीण जता रहे साजिश की आशंका
83 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
रिपोर्ट : आरपी सिंह
आजमगढ़। जनपद के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के सुदनीपुर गांव में युवक के गंभीर रूप से घायल होने की घटना 83 घंटे बाद भी रहस्य बनी हुई है। पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि युवक सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ या उसके साथ कोई अन्य घटना हुई। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार सुदनीपुर निवासी 26 वर्षीय प्रदीप तिवारी उर्फ सोनू पुत्र प्रेम किशोर तिवारी चार मई की रात करीब 10:15 बजे मोबाइल पर किसी से बात करते हुए घर से निकले थे। लगभग 10:30 बजे गांव के ही ज्ञान सागर की दुकान के पास वह खून से लथपथ बेहोशी की हालत में पड़े मिले। राहगीरों की सूचना पर पहुंची फूलपुर पुलिस ने उन्हें ताहिर मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया और परिजनों को सूचना दी। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला मुख्यालय स्थित लाइफ लाइन अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। आर्थिक तंगी के चलते परिजन बाद में उन्हें दोबारा ताहिर मेमोरियल अस्पताल ले आए, जहां वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घायल की मां बिन्ध्याचली देवी से सड़क दुर्घटना की तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक घटना की सच्चाई सामने नहीं आ सकी है। गांव के लोग चंदा जुटाकर घायल के इलाज का खर्च उठा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में प्रदीप रात 10:23 बजे सड़क के बाएं किनारे अपने घर की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। उसी दौरान एक बाइक भी वहां आकर रुकती है, लेकिन आगे लगा कैमरा खराब होने के कारण घटना की स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ सकी। ग्रामीण अंकित, मनीष, आशीष, विपिन, महेंद्र प्रसाद, प्रमोद, रवि और अंगद समेत अन्य लोगों का कहना है कि यदि यह सड़क हादसा होता तो शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान होते, जबकि गंभीर चोट केवल सिर पर है। इसी वजह से ग्रामीण घटना को संदिग्ध मान रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक करने की मांग जिला प्रशासन से की है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक फूलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दुर्घटना का मुकदमा दर्ज होने का मतलब यह नहीं कि मामला केवल दुर्घटना का ही है। जांच जारी है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार धाराएं बढ़ाकर कार्रवाई की जाएगी।






