आजमगढ़। जनपद में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) के तहत चयनित एक छात्रा को अब तक विद्यालय में प्रवेश न मिलने का मामला सामने आया है। इसको लेकर छात्रा की मां ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। प्रार्थिनी निधि गुप्ता, पत्नी शंकर प्रसाद गुप्ता, निवासी ग्राम करतालपुर, पोस्ट भंवरनाथ, थाना कोतवाली, तहसील सदर, जिला आजमगढ़ ने बताया कि उनकी पुत्री तनिष्का गुप्ता का चयन RTE अधिनियम की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत कक्षा यूकेजी में प्रवेश हेतु इंडियन पब्लिक स्कूल, देवखरी (पल्हनी, भंवरनाथ मंदिर) में हुआ है। आरोप है कि चयन सूची में नाम आने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन प्रवेश देने में आनाकानी कर रहा है। प्रार्थिनी के अनुसार, जब उन्होंने विद्यालय के प्रबंधक अशोक अलग से संपर्क किया तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि उनका क्षेत्र विद्यालय के दायरे में नहीं आता। पीड़ित अभिभावक का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपनी बच्ची को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए शासन की इस योजना पर निर्भर हैं। लेकिन विद्यालय की उदासीनता के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। निधि गुप्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विद्यालय को निर्देशित किया जाए कि उनकी पुत्री का प्रवेश तत्काल सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें सरकार द्वारा प्रदत्त शिक्षा के अधिकार का लाभ मिल सके। इस बाबत इंडियन पब्लिक स्कूल की जिम्मेदार से बात करने पर उन्होंने बताया कि हमारे ऊपर जो आरोप लगा है वह निराधार है, RTE में सिलेक्ट हुआ बच्चा हमारे ग्राम सभा क्षेत्र में नहीं आता है, नियमानुसार उसका एडमिशन हमारे यहां नहीं हो सकता। वही इस मामले में पीड़ित ने बताया कि हमारा निवास स्कूल से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर है। सरकार के नियमों के अनुसार डेढ़ किलोमीटर की परिधि के अंदर एडमिशन अनिवार्य होता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या चयनित छात्रा को समय पर उसका अधिकार मिल पाता है या नहीं।






