अपर जिला जज अजय कुमार शाही बोले—बुनकर व कामगार वर्ग के उत्थान के लिए समाज को आगे आना होगा
आज़मगढ़। नगर के प्रतिष्ठित डीएवी महाविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर जिला जज अजय कुमार शाही ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने जीएसटी सुधारों को अधिक लचीला बनाने पर बल देते हुए कहा कि बुनकर समुदाय और कामगार वर्ग के उत्थान के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। उन्होंने सहयोग को समाज की मूल आधारशिला बताया। विशिष्ट अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने कहा कि ऐसे गंभीर विषयों पर संगोष्ठी का आयोजन समाज के इस वर्ग के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। संगोष्ठी के सह-समन्वयक डॉ. सर्वेश सिंह ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक उद्योगों और उनसे जुड़े कामगारों की समस्याओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। संगोष्ठी के समन्वयक प्रो. अरुण सिंह ने स्वागत वक्तव्य में ऐसे आयोजनों को समाज की प्रगति के लिए जरूरी बताया। अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. प्रेमचंद्र यादव ने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से जनपद में पहली बार आयोजित इस संगोष्ठी की सराहना करते हुए इसे वर्तमान आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप बताया। उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित दो तकनीकी सत्रों में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से आए प्रो. एच. पी. सिंह, प्रो. एल. बी. जायसवाल, प्रो. ओ. पी. सिंह तथा शिब्ली कॉलेज के प्रो. खालिद शमीम ने शोध पत्रों का अवलोकन कर अपने विशेषज्ञ विचार साझा किए। संगोष्ठी के निदेशक प्रो. सौम्य सेनगुप्ता ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दूसरे दिन भी सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर आयोजन मंडल के सदस्य, प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






