बिना सूचना अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण लेकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के आदेश
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सोमवार को प्रातः 10:00 बजे विकास भवन में स्थित विभिन्न कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया और अधिकारियों-कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति की स्थिति जानी। निरीक्षण में अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं उनके तीन जूनियर इंजीनियर कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा एआर को-ऑपरेटिव भी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। स्टाफ द्वारा बताया गया कि एआर को-ऑपरेटिव के पास जनपद मऊ का अतिरिक्त प्रभार भी है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कार्यालय के बाहर स्पष्ट रूप से डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए, जिसमें यह उल्लेख हो कि वे किस दिन आजमगढ़ और किस दिन मऊ में उपस्थित रहेंगे। जिला युवा कल्याण अधिकारी भी निरीक्षण के समय कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। वहीं कौशल विकास मिशन कार्यालय में आशा भारती बीपीएम अनुपस्थित पाई गईं तथा 07 फरवरी को भी उनके हस्ताक्षर उपस्थिति पंजिका में दर्ज नहीं थे। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि श्रीमती सुरुचि चौबे मेडिकल अवकाश पर थीं, लेकिन उसका अंकन उपस्थिति पंजिका में नहीं किया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने मेडिकल अवकाश को विधिवत दर्ज करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए कर्मियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर एक सप्ताह के भीतर आख्या प्रस्तुत करें। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय से कार्यालय पहुंचें और प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करें, उसके उपरांत ही फील्ड भ्रमण पर जाएं। उन्होंने कार्यालयों में अभिलेखों को सुव्यवस्थित ढंग से रखने तथा सीढ़ियों एवं परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, डीईएसटीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





