384 मुख्य आरक्षियों को मिला उप निरीक्षक बनने का अवसर, जांच व अपात्रता के चलते कई कर्मियों की पदोन्नति रोकी गई
लखनऊ। डीजीपी मुख्यालय ने नागरिक पुलिस में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करते हुए 121 उप निरीक्षकों को निरीक्षक पद पर प्रोन्नत किया है। इसके साथ ही 384 मुख्य आरक्षियों को उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। यह पदोन्नतियां वर्ष 2025 की रिक्तियों के सापेक्ष ज्येष्ठता के आधार पर की गई हैं। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए कर्मियों की सूची डीजीपी मुख्यालय को उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद डीआईजी स्थापना अखिलेश कुमार चौरसिया द्वारा पदोन्नति आदेश जारी किया गया। निरीक्षक पद पर पदोन्नत होने वालों में लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात रामस्वरूप, सुनील कुमार सिंह, जयकरन सिंह, प्रमोद कुमार यादव, आशीष त्रिवेदी और संतोष कुमार पटेल शामिल हैं। वहीं, 186 उप निरीक्षकों को पदोन्नति के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया, जबकि 82 उप निरीक्षकों के विरुद्ध जांच प्रचलित होने के कारण उनके मामलों को सीलबंद लिफाफे में रखने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार, 4 मुख्य आरक्षियों को पदोन्नति के लिए अयोग्य घोषित किया गया है, जबकि 30 मुख्य आरक्षियों के मामलों को जांच के चलते रोका गया है।




