थानों में सुनवाई न होने और फोन न उठाने का मुद्दा उठा, सपा विधायकों ने जताई नाराजगी
बीजेपी एमएलसी बोले– जिले की कानून व्यवस्था बेहतर, कमियों को किया जाएगा दूर
आजमगढ़। जिले की कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और खुलकर अपनी बात रखी। बैठक में सत्ता पक्ष की ओर से एमएलसी रामसूरत राजभर मौजूद रहे, जबकि विपक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी के विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, आलम बदी, डॉ. संग्राम यादव, बेचई सरोज, पूजा सरोज और डॉ. एचएन पटेल शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति, थानों की कार्यप्रणाली और आम जनता की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा करना था। बैठक के दौरान सपा विधायकों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि जिले के थानों में जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं होती। चौकी प्रभारी और थानाध्यक्ष फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे आम जनता को न्याय मिलने में परेशानी हो रही है। पूर्व मंत्री और सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर पहले जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें होती थीं, जिससे फीडबैक मिलता था, लेकिन अब यह परंपरा बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं पर भी पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही है। वहीं सपा विधायक डॉ. संग्राम यादव ने कहा कि सरकार भले ही कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। थानों में दलाली चल रही है और शिकायतों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने भी फीडबैक सिस्टम को दोबारा शुरू करने की मांग की। सपा विधायकों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के एमएलसी रामसूरत राजभर ने कहा कि जिले की कानून व्यवस्था अच्छी है और जहां कहीं कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष होने के नाते सपा विधायक बेवजह पुलिस प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी देखने को मिली।




