लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लाए गए नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इन नियमों के कारण देश में सामाजिक तनाव का माहौल पैदा हो गया था और ऐसे में शीर्ष अदालत का यह फैसला पूरी तरह उचित है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा कि यूजीसी द्वारा सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में जातिवादी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लागू किए गए नए नियमों से समाज में असंतोष और तनाव बढ़ा। यदि यूजीसी ने इन नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लिया होता और जांच समितियों में नेचुरल जस्टिस के तहत सभी वर्गों, विशेषकर अपरकास्ट समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया होता, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नए नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख 19 मार्च तय की गई है।







