भ्रांतियों को दूर कर संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर
आजमगढ़। श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय, आजमगढ़ में रेड रिबन क्लब के तत्वावधान में एड्स जागरूकता एवं रोकथाम विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को एचआईवी/एड्स से जुड़ी सही एवं वैज्ञानिक जानकारी देना, समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना तथा उनके भीतर जिम्मेदार और संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. दीपिका दूबे ने रेड रिबन क्लब की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों के माध्यम से एड्स जागरूकता फैलाने का एक सरकारी अभियान है। इसके अंतर्गत सेमिनार, निबंध प्रतियोगिता, रैली, नुक्कड़ नाटक एवं पोस्टर मेकिंग जैसी गतिविधियों के जरिए युवाओं को सही जानकारी दी जाती है, ताकि एचआईवी/एड्स को लेकर कलंक और भेदभाव कम हो तथा युवा सुरक्षित जीवनशैली अपनाएं।एचआईवी काउंसलर रंजू श्रीवास्तव ने एड्स को एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या बताते हुए जागरूकता को इसका सबसे प्रभावी समाधान बताया। उन्होंने एचआईवी संक्रमण के कारणों, फैलने के तरीकों, लक्षणों और रोकथाम के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि एचआईवी/एड्स छुआछूत से नहीं फैलता और संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव करना अमानवीय है। एसटीआई काउंसलर एकता राय ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना आवश्यक है ताकि वे एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई में बदलाव के वाहक बन सकें और एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दें, जहां संक्रमित व्यक्तियों के साथ सम्मान और सहयोग का व्यवहार किया जाए। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और संवादात्मक सत्र के दौरान अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ छात्राओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने में भी सफल रहा। कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. निशा कुमारी ने सभी वक्ताओं, काउंसलरों, आयोजकों एवं छात्राओं को साधुवाद देते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को छात्राओं के स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने में अत्यंत उपयोगी बताया और सफल आयोजन के लिए रेड रिबन क्लब की सराहना की।






