आजमगढ़ : पुलिस उपाधीक्षक, उपजिलाधिकारी व थानाध्यक्ष को जान से मारने की धमकी

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12 नामजद व 25 अज्ञात व्यक्तियों की हुई पहचान, अब चलेगा कानूनी डंडा
आजमगढ़। जनपद के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में 01 जनवरी को हुई अवैध भीड़ और प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। थाना मेहनाजपुर में तैनात उप निरीक्षक बेचू प्रसाद यादव ने थानाध्यक्ष के निर्देश पर जांच के बाद विस्तृत तहरीर दी है। पुलिस जांच में सामने आया कि 31 दिसंबर को ग्राम इटैली स्थित मारुका माता मंदिर के पास हुई मारपीट व हत्या की घटना के विरोध में 01 जनवरी को सुबह लगभग 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक कस्बा मेहनाजपुर तिराहे पर अवैधानिक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ठेला, बेंच, बांस व पिकअप वाहन सड़क पर खड़े कर तीनों ओर से तिराहा पूरी तरह जाम कर दिया। जाम के कारण करीब दो घंटे तक सरकारी एंबुलेंस फंसी रही, व्यापारी अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हुए तथा लगभग एक किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। राहगीरों के साथ गाली-गलौज की गई और आगे बढ़ने का प्रयास करने वालों को मारने के लिए दौड़ाया गया। जांच में यह भी पाया गया कि मौके पर मौजूद भीड़ ने पुलिसकर्मियों, पुलिस उपाधीक्षक, उपजिलाधिकारी व थानाध्यक्ष को समझाने के दौरान गाली-गलौज, अभद्र भाषा और जान से मारने की धमकी दी। शासन-प्रशासन विरोधी नारे लगाए गए और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। घटना की वीडियोग्राफी मोबाइल से कराई गई, जिसके आधार पर अवैध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले रंजीत सोनकर सहित 12 नामजद तथा 20-25 अज्ञात व्यक्तियों की पहचान की गई है। पुलिस द्वारा इनके विरुद्ध बीएनएस की कई गंभीर धाराओं एवं 7 CLA एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

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