गैंगस्टर होजैफा नसीम की 1.46 करोड़ की संपत्ति जब्त

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साड़ी चोरी गिरोह के सरगना पर गैंगस्टर एक्ट, पहले ही 83.90 लाख रुपये किए जा चुके हैं जब्त
डोमनपुरा में डुग्गी पिटवाकर हुई कार्रवाई, अवैध आय से मकान बनाने का खुलासा
मऊ। जिलाधिकारी के आदेश पर मऊ कोतवाली पुलिस ने अपराध की कमाई पर बड़ा प्रहार करते हुए साड़ी चोरी मामले के मुख्य आरोपी और गैंगस्टर होजैफा नसीम की करीब 1.46 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और मकान को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई बृहस्पतिवार की शाम दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के डोमनपुरा में की गई, जहां पुलिस ने डुग्गी पिटवाकर जब्ती की प्रक्रिया पूरी की। इससे पहले 31 दिसंबर 2025 को आरोपी के परिजनों के नाम से बैंक खातों में जमा 83.90 लाख रुपये भी जब्त किए जा चुके हैं। सीओ सिटी कृष राजपूत के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के तहत बताया गया कि होजैफा नसीम ने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर साड़ी चोरी से अवैध रूप से भारी धन अर्जित किया था। इसी अवैध धन से डोमनपुरा में गाटा संख्या 69 स्थित 210.6 वर्गमीटर भूमि पर मकान बनवाया गया था। इस जमीन का सर्किल रेट 48.71 लाख रुपये जबकि बाजार मूल्य लगभग 1 करोड़ 46 लाख रुपये आंका गया है। जांच के दौरान आरोपी के पास संपत्ति खरीदने का कोई वैध आय स्रोत नहीं पाया गया। विवेचना रिपोर्ट जिलाधिकारी न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी, जिसके आधार पर 13 जनवरी को संपत्ति जब्ती का आदेश पारित हुआ। गौरतलब है कि 12 फरवरी 2025 को शहर कोतवाली क्षेत्र के न्याज मोहम्मदपुरा निवासी साड़ी व्यापारी अफजाल की तहरीर पर होजैफा नसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। होजैफा बीते सात वर्षों से उसकी दुकान पर काम करता था और बिना जानकारी के दुकान व गोदाम से साड़ियां निकालकर अपने ठिकानों पर जमा करता था। 13 फरवरी 2025 को पुलिस ने होजैफा नसीम और साहब अहमद को बंधा रोड से गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर 34 बोरियों में रखी 3344 साड़ियां और अन्य स्थानों से कुल 3619 साड़ियां बरामद की गई थीं, जिनकी कीमत 20.64 लाख रुपये थी। व्यापारी का आरोप था कि गिरोह ने पांच व्यावसायिक फर्मों से करीब 2.96 करोड़ रुपये की साड़ियां चोरी कर बेच दी थीं। पुलिस ने 5 दिसंबर 2025 को होजैफा नसीम, उसके पिता नसीम अहमद उर्फ कोठा, भाई हारिस नसीम सहित छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। एक जनवरी 2026 को होजैफा के भाई हारिस को सिवान जिले के तेलहट्टा बाजार से गिरफ्तार किया गया था, जबकि दो जनवरी को पिता नसीम अहमद को मऊ रेलवे स्टेशन के पास से दबोचा गया। गिरफ्तारी से पहले दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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