असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में जबरदस्त गोलमाल

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फेल अभ्यर्थी को बना दिया टॉपर

सात महीने नौकरी करने के बाद हुआ खुलासा
प्रयागराज। भर्ती संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर बेवजह प्रश्नचिह्न नहीं लग रहे। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में फेल अभ्यर्थी को टॉप कर दिया। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब प्रतीक्षा सूची में रखी गई अभ्यर्थी द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। पूजा वर्मा को कॉलेज आवंटन हो गया था और सात-आठ महीने नौकरी कर चुकी थीं। चयन निरस्त होने से अब नौकरी चली गई है।
विज्ञापन संख्या 47 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर चित्रकला के महिलाओं के लिए आरक्षित दो पदों का अंतिम परिणाम 23 सितंबर 2019 को घोषित किया गया था। जिसमें पूजा वर्मा (अनुक्रमांक 200096) का चयन प्रथम स्थान पर हुआ था। प्रतीक्षा सूची में प्रथम स्थान पर रही चांदनी वर्मा ने परिणाम के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।
हाईकोर्ट ने आयोग को हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए थे। लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों में विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न होने पर आयोग की 23 फरवरी 2021 को हुई बैठक में पुर्नमूल्यांकन कराने का निर्णय लिया गया। मूल्यांकन एजेंसी ने रिपोर्ट दी कि पूजा वर्मा को टंकण त्रुटि के कारण 155.55 अंक मिल गए थे, जबकि वास्तव में मूल उत्तर पत्रक के आधार पर उन्हें 134.69 अंक ही लिखित परीक्षा में मिले थे। जिसके कारण चयन सूची में वह 7वें नंबर पर चली गई।
मूल्यांकन एजेंसी की रिपोर्ट पर आयोग ने मंगलवार को हुई बैठक में पूजा वर्मा का चयन निरस्त करते हुए संशोधित चयन परिणाम वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। सचिव वंदना त्रिपाठी का कहना है कि इस गलती के लिए मूल्यांकन एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। अब दूसरे नंबर पर रही सताक्षी चौधरी टॉप कर गई हैं और प्रतीक्षा सूची में पहले नंबर पर रहीं चांदनी वर्मा का चयन दूसरे स्थान पर हो गया है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 49 के तहत प्राचार्य भर्ती के लिए डॉ. ललित मोहन शर्मा और डॉ. ओम प्रकाश सिंह को साक्षात्कार के लिए अर्ह घोषित किया है। सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार विशेषज्ञ समिति की संस्तुति पर मंगलवार को हुई आयोग की बैठक में दोनों अभ्यर्थियों को मौका दिया गया है।

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