दो पालियों में हुआ आयोजन, प्राइमरी से लेकर उच्च माध्यमिक तक के विद्यार्थियों को मिला सम्मान
शैक्षणिक, सांस्कृतिक व खेल प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, अभिभावकों की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
आज़मगढ़। जी.डी. ग्लोबल स्कूल में सत्र 2025–26 के लिए प्रतिभा अलंकरण का भव्य सम्मान समारोह का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम को दो अलग-अलग पालियों में आयोजित किया गया, प्रथम पाली में प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा द्वितीय पाली में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक वर्ग के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सकी। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की निदेशिका स्वाति अग्रवाल, प्रबंधक गौरव अग्रवाल एवं कार्यकारी निदेशक श्रीश अग्रवाल तथा प्रधानाचार्या दीपाली भुस्कुटे द्वारा सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चारण से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वाद्य यंत्र संगीत एवं समूह गीतों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा III से VIII के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक गीत “मुश्किल हमें रोकना” ने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया। वहीं, विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य कार्यक्रमों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सम्मान समारोह के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। प्रावीण्य पुरस्कार के तहत अंग्रेज़ी एवं हिंदी वक्तृत्व, गणित, अनुशासन, कला, संगीत, नृत्य एवं खेल क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 100 प्रतिशत उपस्थिति रखने वाले विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया तथा इस उपलब्धि में अभिभावकों के योगदान को सराहा गया। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए रैंक धारकों, कक्षा टॉपर्स एवं डैज़लर्स को सम्मानित किया गया। साथ ही 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ‘अकादमिक स्कॉलर्स’ के रूप में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका, प्रबंधक एवं कार्यकारी निदेशक ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल ने अपने संबोधन में बताया कि विद्यार्थियों को सबसे अधिक अपने माता-पिता के सहयोग की आवश्यकता होती है। उनके सहयोग से ही यह सफलता सुनिश्चित होती है। प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को कौशल संवर्धन पर बल देते हुए कहा कि अंक उतने महत्वपूर्ण नहीं होते, जितना कि कौशल महत्वपूर्ण होता है।कार्यकारी निदेशक श्रीश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को समग्र विकास का संदेश देते हुए कहा कि सफलता अकादमिक, रचनात्मकता और चरित्र के संतुलन से प्राप्त होती है, जिसमें आत्मविश्वास और निरंतरता का महत्वपूर्ण योगदान होता है।विद्यालय की प्रधानाचार्या दीपाली भुस्कुटे ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतरता ही अच्छे परिणाम लाती है। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए उत्साहित किया। कार्यक्रम में अभिभावकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन एवं उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच साबित हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इसी प्रकार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के अपने संकल्प को दोहराया।






