आज़मगढ़ : फाल्गुन में मंगरु भी बन गए पापा, पत्रकारों में छाया हर्ष, काका पहुंचे अस्पताल

Youth India Times
By -
0





मुस्कुराए ठंडी सड़क वाले साहब, अब तो खानी पड़ेगी मिठाई, भले हो शुगर लेवल पार

आखिर पड़ा किसका रंग, रंग से लाल हुआ मीडिया जगत, सहयोग की भावना को सराहा
आज़मगढ़। होली के रंग अभी पूरी तरह चढ़े भी नहीं थे कि मीडिया जगत में एक “ब्रेकिंग न्यूज़” फूट पड़ी। फाल्गुन के बीच मंगरु जी पापा बन गए। खबर फैलते ही जिले भर के पत्रकारों के व्हाट्सएप ग्रुपों में बधाइयों की बाढ़ आ गई। ठंडी सड़क वाले चीफ साहब मुस्कुराते हुए बोले, “अब तो मिठाई खानी पड़ेगी, चाहे शुगर लेवल पार ही क्यों न हो जाए।” यह सुनकर आसपास खड़े साथियों ने भी हामी भरी, मौका ऐतिहासिक है, डायबिटीज बाद में देखी जाएगी। वस्तुस्थिति का जायजा लेने के लिए काका भी अस्पताल पहुंच गए। बोले, “देखे बिना कैसे मान लेते कि सच में न्यूज़ कन्फर्म है!” उधर किसी ने कान में फुसफुसाया“अबकी बार रंग लगने से पहले ही बूकवा छूट गया।” डिप्टी साहब से जब प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने मुस्कुराकर कहा, “डील हो गई है, मुझे कुछ नहीं कहना।” इतना कहकर वह कैमरे से थोड़ा हट गए, मानो कोई बड़ी रसमलाई की दावत कन्फर्म हो गई हो। अतुल भैया पूरे घटनाक्रम में सहारा बने रहे। अस्पताल के बाहर से लेकर मिठाई वितरण तक उन्होंने मोर्चा संभाले रखा। साथ ही उनका प्रतिष्ठान मंगरु ने क्षणिक विश्राम का स्थल बन गया। पिता बनने के बाद मंगरु भावुक हो उठे। बोले, “गौरव महसूस कर रहा हूं… काफी शीतलता का आभास हो रहा है।” यह सुनकर बगल में खड़े गौरव मंद-मंद मुस्कुरा दिए। शीतला ने टोपी में अपना चेहरा छुपा लिया, शायद नामों की इस संयोग लीला पर। सचिव जी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, “यह उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है, उन्हें बहुत-बहुत बधाई।” इस ऐतिहासिक मौके पर चुटकी लेते हुए ऐतिहासिक पुरुष ने कहा “हथिया में एक और पत्रकार पैदा हो गया, न्यूज़ वाला 2… आजमगढ़ लाइव का भविष्य सुरक्षित है!” कुल मिलाकर, इस बार होली में रंग तो सबने खेला, लेकिन असली रंग उसी पर चढ़ा, जो सीधे ‘पापा’ बन गया, लेकिन रंग किसका लग रहा है यह जानने के लिए हर कोई आतुर था, दबे मन से उनके परम सहयोगी अनु ने भी अपनी राग छेड़ दी, सहयोग की भावना को सराहा। मीडिया जगत लाल-गुलाल में डूबा रहा और मिठाई की प्लेटें खाली होती रहीं। फाग की इस अनोखी खबर ने साबित कर दिया कि आजमगढ़ में सिर्फ सस्पेंस की खबरें ही नहीं बनतीं, खबर देने वाले भी बनते हैं। So sorry से (हर कोई वाकिफ है।)

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)