37 जोड़ों की दोबारा शादी की पुष्टि, जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन सख्त, शासन स्तर से होगी आगे की कार्रवाई
मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सामने आई भारी अनियमितताओं के बाद मुरादाबाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मूढापांडे ब्लॉक के छह ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) समाज कल्याण का वेतन रोकते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। मामले में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) भी शासन के निशाने पर हैं, जिन पर आगे की कार्रवाई शासन स्तर से की जाएगी। रविवार शाम जिलाधिकारी अनुज सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कई ऐसे जोड़ों का चयन किया गया, जिनकी पहले ही शादी हो चुकी थी। अब तक जिले में 37 युवक-युवतियों की दोबारा शादी कराए जाने की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 24 प्रकरण अकेले मूढापांडे ब्लॉक से सामने आए हैं। कुंदरकी क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में शिकायतें मिली थीं। जांच में पात्रों के चयन और सत्यापन में गड़बड़ी के लिए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी धनेंद्र सिंह, मोहन सिंह रावत, शादाब अली, इंतजार हुसैन, रजत पुष्कर और रवि कुमार को जिम्मेदार मानते हुए निलंबन के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बीडीओ मूढापांडे अशोक कुमार तथा पहले से मुख्यालय से संबद्ध एडीओ समाज कल्याण प्रशांत सिंह का वेतन रोकते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच की संस्तुति शासन को भेजी गई है। मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी स्तर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। सोमवार को निलंबन आदेश प्रभावी होंगे, जबकि बीडीओ और एडीओ समाज कल्याण के खिलाफ शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिलाधिकारी ने अन्य ब्लॉकों के ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि सामूहिक विवाह योजना में धांधली, उपहार सामग्री की आपूर्ति में अनियमितता और विवाह समारोह के आयोजन में अव्यवस्था की शिकायतों के बाद यह जांच कराई गई थी। कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने प्रभारी मंत्री की बैठक में इस मामले को उठाया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज की गई।





