आजमगढ़ : असफलता नहीं, अनुभव से जन्म लेती है सफलता : आचार्य शान्तनु जी महाराज

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एसकेडी विद्या मंदिर में आयोजित मोटिवेशनल सेमिनार में विद्यार्थियों को मिला आत्मविश्वास का मंत्र
ऐसे प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में साबित होते हैं मील का पत्थर : विजय बहादुर सिंह, संस्थापक
आजमगढ़-जहानागंज। जीवन में असफलता नाम की कोई स्थिति नहीं होती, विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति या तो विजयी बनता है या अनुभवों से सीखकर और अधिक परिपक्व होता है। इन्हीं अनुभवों से सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। यह विचार देश के ख्यातिप्राप्त कथा वाचक एवं मोटिवेशनल स्पीकर आचार्य शान्तनु जी महाराज ने धनहुंआ स्थित एसकेडी विद्या मंदिर में आयोजित भव्य मोटिवेशनल सेमिनार के दौरान व्यक्त किए। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य शान्तनु जी महाराज एवं विद्यालय के संस्थापक विजय बहादुर सिंह द्वारा मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत से ही वातावरण प्रेरणा, ऊर्जा और आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहा। अपने प्रभावशाली संबोधन में आचार्य शान्तनु जी महाराज ने कहा कि दृढ़ संकल्प ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। यदि संकल्प में विकल्प प्रवेश कर जाए तो वह दुविधा को जन्म देता है, जो लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य और अटूट निश्चय के साथ किया गया प्रयास कभी निष्फल नहीं होता। आचार्य जी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि जीवन की सार्थकता उसकी अवधि में नहीं, बल्कि उसकी गहराई में निहित होती है। जीवन में आने वाली चुनौतियां हमें कमजोर करने नहीं, बल्कि मजबूत बनाने आती हैं। उनका साहसपूर्वक सामना करने से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आचार्य जी ने व्यवहारिक जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र दिए। छात्रा हिमांगी द्वारा पूछे गए भक्ति और अध्ययन के संतुलन संबंधी प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अध्ययन ही सबसे बड़ी भक्ति है, तथा समय और कर्तव्य के प्रति ईमानदारी ही सच्ची साधना है। इस अवसर पर एसकेडी ग्रुप के संस्थापक विजय बहादुर सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने आचार्य शान्तनु जी महाराज सहित सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सशक्त एवं प्रभावी मंच संचालन संतोष सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के समस्त सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही अनिल सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, विवेक सिंह, गुड्डू सिंह, रणविजय, रोशन, कमलेश राय, भूपेंद्र मिश्र, रामावतार उपाध्याय, शुभम सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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