स्वामी विवेकानन्द ने वेदांत और योग के सिद्धांतों को भारत से बाहर पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित किया-दीनानाथ
आजमगढ़। जहानागंज क्षेत्र के धनहुंआ स्थित एसकेडी विद्या मंदिर एवं एसकेडी इंटर कॉलेज में सोमवार को महान भारतीय चिंतक, समाज सुधारक एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानन्द की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने स्वामी विवेकानन्द के कृतित्व, व्यक्तित्व और विचारों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र प्रचारक दीनानाथ द्वारा स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द एक महान भारतीय हिंदू सन्यासी, आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक थे, जिन्होंने वेदांत और योग के सिद्धांतों को भारत से बाहर पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित किया। वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में दिया गया उनका ओजस्वी भाषण आज भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का गौरवपूर्ण प्रतीक माना जाता है। विद्यालय के संस्थापक श्री विजय बहादुर सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि अल्पायु में ही स्वामी विवेकानन्द ने विश्व को अमूल्य विचार दिए। उनका प्रसिद्ध संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए। आज भी युवाओं के लिए सफलता का मूल मंत्र है। विद्यालय के प्रधानाचार्य के.के. सरन ने भी स्वामी के विचारों को वर्तमान शिक्षा प्रणाली से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा दी। वहीं एसकेडी इंटर कॉलेज में स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर श्रीकांत सिंह एवं प्रधानाचार्य यू.सी. मिश्र द्वारा माल्यार्पण किया गया तथा उनकी जीवन-यात्रा एवं आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की सफलता में राजेश, भारतेन्दु, संतोष, रंजना, ममता, प्रियंका, रूबी, नेहा सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

