आजमगढ़। जिले में शनिवार को जीएसटी विभाग की ओर से हरिऔध कला केंद्र में आयोजित कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब मंच से एक व्यक्ति ने ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर श्रीराम सरोज पर दो लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगा दिया। आरोप लगते ही कार्यक्रम स्थल पर हंगामा मच गया और कुछ देर के लिए व्यवस्था प्रभावित हो गई। शासन के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी के साथ ही मुख्य राजस्व अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मंच से व्यापारियों को अपनी समस्याएं रखने का अवसर दिया जा रहा था। इसी क्रम में बजरंग बहादुर सिंह को मंच पर बुलाया गया। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने खुद को भाजपा नेता बताते हुए ज्वाइंट कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगा दिए। बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 में उनके भतीजे की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। शासन की मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत व्यापारियों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि मिलती है। इसके लिए फाइल लगाई गई थी, लेकिन कथित तौर पर अधिकारियों के माध्यम से दो लाख रुपये की मांग की गई। आरोप लगाया कि रिश्वत न देने पर उनकी फाइल को निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से भी की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर श्रीराम सरोज ने आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की तुलना फिल्म से करते हुए कहा कि जैसे फिल्म में हीरो और विलेन होते हैं, वैसे ही इस कार्यक्रम में भी रोमांच पैदा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जिस बीमा योजना का हवाला दिया जा रहा है, उसे शासन स्तर से पहले ही खारिज किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आरोप लगाने वाले व्यक्ति को जानते तक नहीं हैं।
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