केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘घर से हॉस्टल तक’ को बताया प्रेरणादायक व समाजोपयोगी कृति
भारत मंडपम में लेखक, प्रकाशक और पाठकों के बीच दिखा खास उत्साह
आजमगढ़। भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में 10 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित विश्व पुस्तक मेला इस बार पुस्तक प्रेमियों के लिए खास बन गया है। देश-विदेश की पुस्तकों और प्रकाशनों की भव्य प्रदर्शनी के बीच आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया क्षेत्र के युवा लेखक हिमांशु शुक्ल ‘वीरज’ की पुस्तक “घर से हॉस्टल तक” विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पुस्तक मेले के शुभारंभ अवसर पर भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लेखक हिमांशु शुक्ल ‘वीरज’ पुत्र आशुतोष प्रकाश शुक्ल की पुस्तक की सराहना करते हुए इसे विचारोत्तेजक, प्रेरणादायक और समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनाएं आज के युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मंत्री ने लेखक की लेखन शैली, विषयवस्तु और विचारों की प्रासंगिकता की भी विशेष प्रशंसा की। केंद्रीय मंत्री ने पुस्तक को बौद्धिक चेतना को जागृत करने वाली कृति बताते हुए कहा कि साहित्य समाज के निर्माण और सकारात्मक सोच के विकास में अहम योगदान देता है। उनके इस वक्तव्य पर उपस्थित लेखकों, साहित्यकारों, प्रकाशकों और पाठकों ने तालियों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर पुस्तक स्टॉल पर पाठकों की विशेष भीड़ देखने को मिली और पुस्तक को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। लेखक हिमांशु शुक्ल ‘वीरज’ ने इस सम्मान को अपने लेखन जीवन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। विश्व पुस्तक मेला एक बार फिर ज्ञान, विचार और रचनात्मक संवाद का सशक्त मंच बनकर उभरा है, जहां विभिन्न देशों के लेखक, प्रकाशक और पाठक साहित्यिक संवाद में सहभागी बन रहे हैं।






