डीएम–एसएसपी की संयुक्त स्वीकृति के बाद कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
आजमगढ़। जिला कारागार के सरकारी खाते से 52.85 लाख रुपये की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में आजमगढ़ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह से जुड़े छह अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी आजमगढ़ एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की संयुक्त बैठक में अनुमोदन के पश्चात की गई। मामला 10 अक्टूबर 2025 को उस समय प्रकाश में आया, जब वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार, आजमगढ़ आदित्य सिंह द्वारा कोतवाली थाना में प्रार्थना पत्र दिया गया। आरोप है कि अभियुक्तों ने आपसी मिलीभगत कर कारागार कार्यालय की चेकबुक पर जेलर के फर्जी व कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर विभिन्न तिथियों में सरकारी खाते से कुल 52,85,000 रुपये की अवैध निकासी कर गबन किया। इस संबंध में थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 516/25 धारा 318(4), 61(2), 316(5) बीएनएस सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए। जांच में यह भी पाया गया कि अभियुक्त रामजीत यादव द्वारा गबन की गई धनराशि से खरीदी गई बुलेट मोटरसाइकिल (UP 50 5398) एवं स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP 50 CW 0799) को धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। विवेचना पूर्ण होने के बाद 29 नवंबर 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त गिरोह द्वारा आर्थिक व भौतिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से यह आपराधिक कृत्य संगठित रूप से किया गया। इसके आधार पर गैंगचार्ट तैयार कर धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत कार्रवाई प्रस्तावित की गई, जिसे 9 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित किया गया। अनुमोदन के पश्चात थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 14/2026 धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।पुलिस के अनुसार सभी अभियुक्त वर्तमान में जिला कारागार, आजमगढ़ में निरुद्ध हैं। आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध, सरकारी धन की लूट और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर व प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





