आजमगढ़ : पेट्रोल पंप में 50% हिस्सेदारी का झांसा देकर 2.61 करोड़ की ठगी का आरोप

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एचपीसीएल बकाया चुकाने के नाम पर पीड़िता से ली गई करोड़ों की रकम
रुपये मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
आजमगढ़। जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र की निवासी सोना देवी पत्नी स्वर्गीय बृजेश कुमार ने पेट्रोल पंप में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर 2 करोड़ 61 लाख रुपये से अधिक की ठगी किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में शिकायत प्रकोष्ठ कार्यालय पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता के अनुसार वाराणसी जनपद के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत विन्ध्यवासिनी नगर, अर्दली बाजार निवासी कुसुम सिंह पत्नी विजयपाल सिंह हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की अधिकृत रिटेल आउटलेट डीलर हैं। वे आजमगढ़–सठियांव मार्ग (एसएच-24) पर स्थित ग्राम बैठौली में “मेसर्स आरआर फ्यूल प्वाइंट” नाम से पेट्रोल पंप का संचालन करती हैं। कुसुम सिंह और उनके पति विजयपाल सिंह पूर्व परिचित होने के कारण पीड़िता का उन पर विश्वास था। आरोप है कि मार्च 2023 में कुसुम सिंह और विजयपाल सिंह ने पीड़िता को बताया कि पेट्रोल पंप पर एचपीसीएल का लगभग 80–83 लाख रुपये बकाया है, जिसके चलते तेल की सप्लाई बंद हो गई है और पंप नीलामी की कगार पर है। बकाया कम कर देने और एक टैंकर तेल का भुगतान करने पर सप्लाई पुनः शुरू होने का झांसा देते हुए पीड़िता को 50 प्रतिशत हिस्सेदार बनाने का प्रस्ताव दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि इस झांसे में आकर उसने विभिन्न तिथियों पर नकद व बैंक खातों के माध्यम से कुल 2,61,12,662 रुपये कुसुम सिंह और विजयपाल सिंह को दे दिए। इसमें 1,10,26,000 रुपये नकद तथा शेष रकम पीड़िता, उसके ससुर, देवर और परिचितों के खातों से ट्रांसफर की गई। बाद में एक साझेदारी विलेख (पार्टनरशिप डीड) भी तैयार कराकर हस्ताक्षर कराए गए, लेकिन एचपीसीएल से अनुमोदन के नाम पर लगातार और धन की मांग की जाती रही। पीड़िता का कहना है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद एचपीसीएल का बकाया शून्य नहीं किया गया और अक्टूबर 2025 में पुनः तेल की सप्लाई बंद हो गई, जिससे पेट्रोल पंप का संचालन ठप हो गया। जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना प्रथम दृष्टया सत्य पाई गई है। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।

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