आजमगढ़ : तकनीकी क्षेत्र में डा0 स्वप्निल श्रीवास्तव ने हासिल की खास उपलब्धि

यूथ इंडिया टाइम्स
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आजमगढ़। 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी का क्या महत्व है इससे खास से लेकर आम बखूबी वाकिफ हैं। टेक्नोलॉजी का विस्तार हर पल अपने नए सोपान को छू रहा है। इस दौर में टेक्नोलॉजी की परिभाषा स्मार्टफोन, टीवी, स्मार्टवॉच तक ही सीमित नहीं रह गई है। इसकी जगह अब इंटरनेट ऑफ थिंग्स (वस्तु अंतरजाल) ने ले ली है। बदलाव के इस दौर में इंटरनेट ऑफ थिंग्स को ही टेक्नोलॉजी का भविष्य कहा जा रहा है।
आजमगढ़ शहर के एलवल मुहल्ला निवासी डा स्वप्निल श्रीवास्तव को एक खास उपलब्धि हासिल हुई है। डा स्वप्निल श्रीवास्तव और उनकी टीम ने तकनीकी क्षेत्र में वस्तु अन्तरजाल पर कुछ अनोखा कार्य किया है। उन्हें वस्तु अन्तरजाल (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) इनेबल्ड हैंडी प्रोजेक्टर के लिए भारत सरकार द्वारा पेटेंट दिए जाने से हर्ष व्याप्त है।
शहर से सटे कोलघाट स्थित सरस्वती शिशु मंदिर से आठवीं तक की शिक्षा लेने के बाद स्वप्निल श्रीवास्तव ने उच्च शिक्षा गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर से मास्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग व पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त किए। हमेशा कुछ अलग करने का जज्बा रखने वाले डा श्रीवास्तव ने भारत की सर्वश्रेष्ठ संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर में माईक्रोस्ट्रिप एंटीना पर भी कार्य किया है। जिसे विश्व की सर्वश्रेष्ठ प्रकाशन विली पब्लिकेशन ने उनका बुक चैप्टर प्रकाशित कर उनके मेधावी क्षमता का लोहा माना है। डॉ स्वप्निल श्रीवास्तव का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थियोरी, माइक्रोवेव इंजीनियरिंग, एंटीना एंड वेव प्रोपगेशन पर पसंदीदा विषय है।
इस बावत डॉ स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया कि किसी भी घर में पंखे से लेकर दरवाज़े, खिड़कियां अन्य सभी चीजें का नियंत्रण पलभर में ही एक रिमोट से हो जाए तो यही टेक्नोलॉजी को नियंत्रित करने के लिए वस्तु अन्तरजाल (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) इनेबल्ड हैंडी प्रोजेक्टर तैयार किया जिसे भारत सरकार ने मान्यता दे दिया है। उन्होंने अपने टीम के सहयोगी डॉ शशिकांत गुप्ता, डॉ राजेन्द्र त्रिपाठी और डॉ हेमंत सिंह का आभार जताया है। अपने इस उपलब्धि का श्रेय डा श्रीवास्तव ने अपने दिवंगत पिता डॉ ए. के. श्रीवास्तव और माता प्रधानाध्यापिका डा सुमन अस्थाना को दिया है। इस उपलब्धि पर बधाई देने वालो में लोकेश श्रीवास्तव, प्रतीक अग्रवाल, हरिओम सिंह, रामानंद गोयल, स्नेहिल श्रीवास्तवा, शशिभूषण अस्थाना शामिल रहे।

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